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शिक्षकों को टीईटी पास करना जरूरी: सुप्रीम निर्देश: ऐसा न करने पर इस्तीफा दें या रिटायरमेंट लें

शिक्षकों को सेवा में बने रहने या पदोन्नति पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना जरूरी होगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने से पहले नियुक्त ऐसे शिक्षक जिनकी नौकरी पांच वर्ष से अधिक बची है, उन्हें दो वर्ष के भीतर टीईटी पास करनी होगी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई शिक्षक तय समय सीमा में टीईटी पास करने में विफल रहता है तो उन्हें इस्तीफा देना होगा या जबरन सेवानिवृत्त किया जा सकता है। कोर्ट ने उनको राहत दी है, जिनकी सेवा पांच वर्ष से कम बची है।


जस्टिस दीपांकर दत्ता,मनमोहन की पीठ ने फैसले में स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों की नौकरी पांच वर्ष से कम बची है, उन्हें टीईटी उत्तीर्ण करने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें पदोन्नति नहीं मिलेगी। पीठ ने अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र सरकार सहित कई अन्य की 87 अपीलों पर यह फैसला सुनाया है। अपीलों में सवाल भी उठाया गया कि क्या 29 जुलाई 2011 यानी आरटीई लागू होने से पहले नियुक्ति वालों को पदोन्नति के लिए टीईटी जरूरी है और क्या अल्पसंख्यक संस्थानों में शिक्षकों से टीईटी पास करने पर जोर दे सकते हैं?

असाधारण शक्तियों का प्रयोग कर दिया फैसला : कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने 110 पन्नों के फैसले में कहा, 'ऐसे शिक्षकों को इस आधार पर सेवा से हटाना कि उन्होंने टीईटी उत्तीर्ण नहीं किया है, थोड़ा कठोर प्रतीत होगा।' सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह फैसला दिया है। अदालत ने कहा कि 'हम जमीनी हकीकतों के साथ-साथ व्यावहारिक चुनौतियों से भी वाकिफ‌ हैं। ऐसा नहीं है कि जिनको गैर-टीईटी योग्य शिक्षकों ने पढ़ाया है, वे जीवन में आगे नहीं बढ़ पाए हैं।

सेवानिवृत्ति लाभ मिलेगा

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में शिक्षक टीईटी पास करने में विफल रहते हैं तो नौकरी छोड़नी होगी। हालांकि सेवानिवृत्ति के सभी लाभ मिलेंगे। अदालत ने शर्त जोड़ी कि अंतिम लाभों के लिए अर्हता के लिए ऐसे शिक्षकों को नियमों के अनुसार, अर्हक सेवा अवधि पूरी करनी होगी।

पदोन्नति को टेट जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवा आज की तिथि तक पांच साल वर्ष से कम बची है, उन्हें टीईटी उत्तीर्ण किए बगैर सेवानिवृत्ति तक सेवा में बने रहने की अनुमति है, लेकिन पदोन्नति नहीं मिलेगी। यदि ये पदोन्नति चाहते हैं तो उन्हें भी टीईटी पास करनी होगी।

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