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अवैध समायोजन एवं एकल स्कूल प्रकरण

अवैध समायोजन एवं एकल स्कूल प्रकरण

1. एकल स्कूल क्या होते हैं?




एकल स्कूल वे होते हैं जहाँ केवल एक ही रेगुलर (स्थायी) शिक्षक कार्यरत हों। यहाँ स्पष्ट कर दिया जाए कि “रेगुलर” का ही अर्थ मान्य होगा।




2. कम्पोजिट स्कूल में एकल की परिभाषा




भले ही कम्पोजिट स्कूल एक साथ संचालित होते हों, परंतु प्राइमरी और जूनियर अलग-अलग इकाइयाँ (Unit) और स्तर (Level) हैं।




दोनों पर अलग-अलग P.T.R. (Pupil Teacher Ratio) लागू है।




दोनों स्तरों पर अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता भी NCTE की गाइडलाइन और RTE एक्ट में निर्धारित है।







👉 अतः यदि प्राइमरी में केवल एक रेगुलर शिक्षक है, तो वह इकाई “एकल” मानी जाएगी। यदि जूनियर में एक है तो वहाँ भी वही स्थिति होगी।




3. क्या शिक्षा मित्र और अनुदेशक जनशक्ति में जोड़े जा सकते हैं?




पूरे सम्मान के साथ — शिक्षा मित्र और अनुदेशक हमारे ही परिवार के अंग हैं। परंतु यदि सरकार उन्हें जनशक्ति (Manpower) में गिनती है, तो उन्हें रेगुलर शिक्षकों के समान वेतन व सुविधाएँ भी दी जानी चाहिए।

यदि ऐसा नहीं है, तो प्रत्येक वह स्कूल जहाँ केवल एक रेगुलर शिक्षक कार्यरत है, एकल स्कूल कहलाएगा।

अगर संविदा कर्मी ही रेगुलर के बराबर होते तो न 68,500 न 69,000 भर्ती होती।




4. एकल स्कूल बनने के कारण




अवैध समायोजन की प्रक्रिया में अनेक शिक्षकों ने अपने ब्लॉक व जिला स्तर के अधिकारियों से लाभ लेकर स्वयं को कार्यमुक्त करवा लिया, जोकि नियम व RTE मानकों के विरुद्ध था।




मर्जर स्कूल वापस होने की प्रक्रिया ने भी कई स्कूलों को एकल और बर्बाद बना दिया।




समायोजन का उद्देश्य “मानव संसाधन का बेहतर उपयोग” बताया गया था, परंतु वास्तविकता में पूरे स्कूल ही खाली, बंद और शिक्षकविहीन हो गए। यह पूर्णत: गलत और असंवैधानिक है।







👉 जिन लोगों ने एकल स्कूलों से भागकर समायोजन कराया, वे न इधर के रहे न उधर के।




5. कानूनी आधार




किसी भी विरोध की स्थिति में RTE Act और NCTE Norms मेरे और इस केस (Writ No. 10581/25/DB) की रक्षा करेंगे।







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धन्यवाद

✍🏻 आवेश विक्रम सिंह

📞 9140738009

याचिकाकर्ता – रिट 10581/25 / डीबी

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