नई दिल्ली, एजेसी। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली द्रमुक, माकपा, कांग्रेस और टीएमसी नेताओं द्वारा दायर याचिकाओं पर निर्वाचन आयोग (ईसी) से मंगलवार को अलग-अलग जवाब देने को कहा।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने निर्वाचन आयोग से नई याचिकाओं पर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास और कलकत्ता हाईकोर्ट को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हर प्रकार की कार्यवाही स्थगित रखने का भी निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में इस प्रक्रिया का समर्थन करने वाली ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की दायर हस्तक्षेप याचिका सूचीबद्ध करने की भी अनुमति दी।
गौरतलब है कि भारतीय निर्वाचन आयोग ने नवंबर से अगले साल फरवरी तक देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया का दूसरा चरण आयोजित करने की 27 अक्तूबर को घोषणा की थी।


0 टिप्पणियाँ