नगराम, संवादाता। नेवाजखेड़ा प्राइमरी स्कूल के प्राधानाध्यापक ने किताबें और कार्य पुस्तिकाएं कबाड़ी को बेची थीं। इसका खुलासा बुधवार को मोहनलालगंज के खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कनौजिया की जांच में हुआ। जांच में पता चला कि मंगलवार को कबाड़ी को बुलाकर किताबें और कार्य पुस्तिका 11 रुपये किलो के हिसाब से बेची गई थी कुल रद्दी दो क्विंटल यानी 200 किलो थी। बीएसए ने बताया कि बीईओ की जांच रिपोर्ट मिली है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
मंगलवार को सोशल मीडिया पर ठेले से किताबे ले जाने का वीडियो वायरल होने के बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आए। बुधवार को सर्दियों की छुट्टी के कारण स्कूल बंद था। जांच करने पहुंचे खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) सुशील कनौजिया ने रसोइया के बेटे से चाभी मंगवाकर स्कूल का ताला खुलवाया। ग्रामीणों तथा बच्चों की मौजूदगी में पूछताछ शुरू की गई। ग्रामीणों ने बताया कि करोरा बाजार के कबाड़ी मोनू को किताबें बेची गई थीं। इस आधार पर कबाड़ी को स्कूल बुलाया गया। उसका बयान रिकाॅर्ड किया गया। बीईओ सुशील कनौजिया ने बताया कि पूछताछ में कबाड़ी ने बताया कि किताबों का सौदा प्रधानाध्यापक रवींद्र गुप्ता ने किया था। उनके बुलावे पर वह ठेला और तौल कांटा लेकर मंगलवार को स्कूल पहुंचा। यहीं तय हुआ था कि 11 रुपये किलो के हिसाब से वह पैसा देगा। किताबें तौल में दो कुंतल निकलीं। उस वक्त उसकी जेब में 450 रुपये थे। यह पैसा उसने प्रधानाध्यापक रवींद्र गुप्ता को दिया और बाकी पैसा दुकान पर देने का वादा किया। किताबें जब तौली जा रहीं थी तो शिक्षक पंकजमणि त्रिपाठी भी थे। किताबें तौलाने के बाद वह ठेले पर लादकर अपनी दुकान चला गया।
जांच में हेड मास्टर दोषी मिले रिपोर्ट बीएसए को भेजी
जांच अधिकारी बीईओ सुशील कनौजिया ने बताया कि सबके बयान रिकार्ड किए गए हैं। जांच में प्रधानाध्यापक रवींद्र गुप्ता दोषी पाए गए हैं। किताबों की बिक्री में शिक्षक पंकजमणि त्रिपाठी की भूमिका नहीं पायी गई। जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए बीएसए को भेजी गई है। प्रधानाध्यापक रवींद्र गुप्ता के नंबर पर इनकमिंग सुविधा उपलब्ध नहीं होने से बात नहीं हो सकी।
बच्चों ने झाड़ू लगवाने का आरोप लगाया
प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने शिक्षकों पर स्कूल में झाड़ू लगवाने का आरोप लगाया है। बीईओ ने बच्चों के बयान की भी रिकार्डिंग की है।


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