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प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों के समायोजन पर 37 शिकायतें

● सीडीओ की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है शिकायतों पर जांच

लखनऊ, प्राइमरी स्कूल के अध्यापकों के समायोजन में भारी अनियमितता के आरोपों की जांच सीडीओ की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। अब तक कमेटी के पास करीब 37 से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। आरोप है कि कैंसर, लकवा रोगी शिक्षकों को भी काफी दूर तैनाती दे दी गई है। बीएसए कार्यालय में तो दर्जनों शिक्षकों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं।


प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के समायोजन में हुई भारी अनियमितताओं का शासन और डीएम विशाख जी ने संज्ञान लिया था जिसके बाद जांच कमेटी गठित हुई। डीएम ने इस कमेटी में सीडीओ अजय जैन, एडीएम सिविल सप्लाई और बीएसए को शामिल किया है। इस कमेटी का कार्य शिकायतों की जांच करने के साथ नियम विरुद्ध हुए समायोजन में सुधार करना है। शिक्षकों की आपत्ति है कि समायोजन करते समय नियमों का ध्यान नहीं रखा गया। नियम था कि शिक्षकों को जगह खाली होने पर उसी जोन के किसी स्कूल में समायोजित किया जाता। यदि जगह नहीं है तो नजदीकी जोन में करने का नियम था। शिक्षकों के अनुसार इस लिहाज से जोन 1 वाले टीचर को जगह न मिलने पर 2 में समायोजन किया जाना चाहिए था लेकिन हुआ ऐसा नहीं। जोन 1 वाले शिक्षक को जोन 4 में कर दिया गया। नतीजतन उनके घर से दूरी 40 किलोमीटर तक हो गई। ऐसे में शिक्षक के अलावा संबंधित स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ेगा। बीएसए ने यू-डायस पोर्टल की मदद से मंगलवार को नगर व ग्रामीण क्षेत्र के बंद व एकल प्राइमरी स्कूलों में 170 शिक्षकों का समायोजन किया था। बीएसए कार्यालय में पांच दर्जन प्रधानाध्यापकों और शिक्षक व शिक्षिकाओं ने आपत्ति के प्रत्यावेदन में समायोजन में खामियों का आरोप लगाया है।

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