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अनधिकृत किताबों से पढ़ाया तो जुर्माना

प्रयागराज । शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए यूपी बोर्ड की कक्षा नौ से 12 तक में चलने वाली 36 विषयों की 70 एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के साथ ही हिन्दी, संस्कृत एवं उर्दू की 12 पुस्तकें फरवरी के पहले सप्ताह तक सभी जिलों में बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएंगी। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सख्त चेतावनी दी है कि अधिकृत प्रकाशकों के अलावा अन्य पाठ्यपुस्तकों से पढ़ाई नहीं होगी। कोई भी स्कूल छात्र-छात्राओं को अधिक मूल्य, अनधिकृत पाठ्यपुस्तकों या गाइड बुक आदि खरीदने या पढ़ने के लिए बाध्य करता है तो पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।


इसके अलावा निश्चित समयावधि के लिए स्कूल की मान्यता का निलम्बन या मान्यता की वापसी या फिर अन्य दंड का प्रावधान है। यूपी बोर्ड के पास इन किताबों का कॉपीराइट है लिहाजा इनकी पाइरेसी/डुप्लीकेसी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोई अनधिकृत मुद्रक यूपी बोर्ड की किताबों की छपाई या बिक्री करता है या कोई दुकानदार नकली या अधिक मूल्य पर पाठ्यपुस्तकें बेचता है तो पुलिस, प्रशासन, वाणिज्य कर, आयकर विभाग के साथ मिलकर जांच करायी जाएगी। कॉपीराइट शर्तों का उल्लंघन मिलने पर छह महीने से तीन साल तक कारावास और पचास हजार से दो लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।


अधिकृत प्रकाशक प्रदेश के सभी 75 जिलों में थोक एवं फुटकर पुस्तक विक्रेताओं के माध्यम से छात्र-छात्राओं के लिए अधिकृत किताबें उपलब्ध कराएंगे। यदि अधिकृत प्रकाशक किताबें उपलब्ध नहीं कराते तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने पायनियर प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स आगरा को कक्षा 9 तथा 12, पीताम्बरा बुक्स बिजौली झांसी को कक्षा दस जबकि सिंघल एजेन्सीज लखनऊ को कक्षा 11 की किताबें छापने की जिम्मेदारी दी है।

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