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पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से एक फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना

पहाड़ों में हिमस्खलन, मैदानी इलाकों में बारिश व ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित


नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में जहां हिमस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने बताया कि नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से एक फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है।

पश्चिमी हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश में दो दिनों से भारी बर्फबारी जारी है। मंगलवार देर रात चंबा जिले के भरमौर और पांगी क्षेत्र की पुलन पंचायत के पास अचानक हिमखंड टूटने की घटना हुई। इसके बाद बर्फ की नदी-सी बहाव की स्थिति बन गई। हालांकि किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

लगातार खराब मौसम के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है और सैकड़ों ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। हिमाचल में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

मनाली, शिमला और किन्नौर सहित कई पर्यटन स्थलों पर पर्यटक फंसे हुए हैं। मनाली में खराब मौसम के चलते बुधवार और गुरुवार को शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, खराब मौसम के कारण राज्य में 885 सड़कें बंद, 3,237 बिजली ट्रांसफार्मर और 121 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और मौसम अलर्ट का पालन करने की अपील की है।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों में हिमस्खलन का खतरा बना रह सकता है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान की आशंका है।

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