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सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल

सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार में इतिहास रच दिया गया। वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमतों में एक ही दिन में भारी उछाल दर्ज किया गया, जबकि सोना भी अपने नए सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time high) पर पहुंच गया है।


चांदी में ₹15,000 की रिकॉर्ड तेजी

'ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन' द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को चांदी की कीमतों में 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी बढ़ोतरी हुई। इस उछाल के साथ चांदी 6 प्रतिशत बढ़कर 2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,50,000 रुपये पर बंद हुई थी। सोने की चमक भी और तीखी हो गई है। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,900 रुपये (2.05%) की तेजी के साथ 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार को यह 1,41,700 रुपये पर बंद हुआ था। उल्लेखनीय है कि ये कीमतें सभी करों को मिलाकर हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टूटा रिकॉर्ड

घरेलू बाजार में आई यह तेजी वैश्विक रुझानों का सीधा परिणाम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड ने पहली बार 4,600 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया। यह 2 प्रतिशत बढ़कर 4,601.69 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 84.61 डॉलर प्रति औंस हो गई। लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, "सोने ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और 4,600 डॉलर के स्तर को पार कर लिया है, जबकि चांदी में और भी तेज उछाल देखा गया है, जो जोखिम-संवेदनशील वातावरण में इसके 'हायर बीटा' को दर्शाता है"।

सर्राफा बाजार में तेजी के प्रमुख कारण

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे मुख्य रूप से दो कारक हैं: बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितता।

1. भू-राजनीतिक तनाव: ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के अनुसार, ईरान में बढ़ते अशांति और रूस-यूक्रेन संघर्ष के जारी रहने से जिओ-पॉलिटिकल चिंताएं फिर से केंद्र में आ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद सैन्य विकल्पों पर विचार करने की बात कही है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

2. फेडरल रिजर्व संकट: एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सौमिल गांधी ने बताया कि निवेशकों की धारणा राष्ट्रपति ट्रम्प और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल के बीच बढ़ते विवाद से भी प्रभावित हुई है। खबरों के अनुसार, यूएस अटॉर्नी ऑफिस ने पावेल के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की है, जिससे फेड की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। इस जांच ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला है, जिससे बुलियन कीमतों को समर्थन मिला।

आगामी दिनों में बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर होगी। रेनिशा चैनानी ने कहा, "इस सप्ताह का आर्थिक कैलेंडर व्यस्त है, और मंगलवार को आने वाली दिसंबर सीपीआई (CPI) रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी"। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातुओं के लिए व्यापक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। गौरव गर्ग के अनुसार, वैश्विक इक्विटी बाजारों में बढ़ती अस्थिरता, लगातार भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की निरंतर मांग के कारण सोने और चांदी में मजबूती बनी रहने की उम्मीद है।

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