नई दिल्ली, एजेंसी। पीएफआरडीए ने एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना को एक अलग स्वास्थ्य आधारित योजना के रूप में तैयार किया है। इसका मकसद यह है कि रिटायरमेंट से पहले या बाद में जब भी इलाज के लिए जरूरत पड़े, अंशधारक को कर्ज लेने, बीमा दावे के चक्कर या रिश्तेदारों पर निर्भर न रहना पड़े। इस योजना के जरिये वह अपने ही पेंशन फंड से इलाज का खर्च निकाल सकता है।
इस योजना में कोई भी अपनी मर्जी से शामिल हो सकता है। शर्त बस इतनी है कि उसके पास पहले से एनपीएस का खाता होना चाहिए। वैसे सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों के कर्मचारी, स्वरोजगार करने वाले लोग और रिटायरमेंट की योजना बना रहे निवेशक सब इसके दायरे में आते हैं। इसमें योगदान की राशि भी अंशधारक अपनी क्षमता के अनुसार तय कर सकता है।
इलाज के लिए पैसा निकालना होगा आसान : इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है इलाज खर्च के लिए आंशिक निकासी। अगर किसी को ओपीडी इलाज या अस्पताल में भर्ती होकर खर्च करना पड़ता है, तो वह अपने स्वास्थ्य पेंशन खाते से 25% तक रकम निकाल सकता है। पैसा निकालने से पहले खाते में कम से कम ₹50,000 का कोष होना जरूरी है।
गंभीर बीमारी में पूरी रकम की छूट : अगर किसी अंशधारक को ऐसी गंभीर बीमारी हो जाती है, जिसमें इलाज का खर्च कुल कोष के 100% से ज्यादा हो, तो उसे पूरा पैसा एकमुश्त निकालने की अनुमति मिलेगी यानी कैंसर, हार्ट सर्जरी या लंबे इलाज जैसी स्थितियों में रिटायरमेंट की उम्र का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।


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