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बीआरसी के खाली पड़े पद शिक्षकों का बोझ बढ़ा रहे

बीआरसी के खाली पड़े पद शिक्षकों का बोझ बढ़ा रहे


कई तकनीकी काम इन कर्मचारियों को करने थे

स्कूलों में होने वाली गतिविधियों से जुड़े सारे कार्यक्रमों मसलन, डीबीटी, एमडीएम व उपस्थिति आदि से जुड़े डाटा को तकनीकी कर्मी के रूप में तैनात कर्मचारी यू-डायस पोर्टल पर प्रतिदिन फीड करेगा। कर्मचारियों के अभाव में यह कार्य शिक्षकों व प्रधानाचार्यों को करना पड़ता है।

लखनऊ। डीपीओ ( जिला परियोजना कार्यालय ) एवं बीआरसी ( ब्लॉक रिसोर्स सेंटर ) के खाली पड़े पद प्राइमरी शिक्षकों के काम के अतिरिक्त बोझ को और बढ़ा रहा है। नतीजा, शिक्षक संगठन अब शिक्षकों के रिक्त पदों को भरे जाने के साथ-साथ डीपीओ एवं बीआरसी के भी रिक्त पदों को भरने की मांग करने लगे हैं। वैसे दोनों संस्थाओं में रिक्त पदों की हालत यह है कि ज्यादातर जिलों एवं ब्लॉकों में सृजित पदों के तुलना में आधा या उससे अधिक पद रिक्त पड़े हैं। सबसे खराब स्थिति बहराइच जिले की है, जहां के डीपीओ में 13 पद सृजित है जबकि सभी बीआरसी को मिलाकर कुल 60 पद सृजित हैं।

इस प्रकार से इस जिले की दोनों संस्थाओं में कुल 73 सृजित पदों में से मात्र 4 पद ही भरे हुए हैं, शेष सभी खाली हैं। इस प्रकार से बहराइच में केवल 5 प्रतिशत ही भरे हुए हैं। यही स्थिति ज्यादातर जिलों की हैं। प्रदेश में डीपीओ और बीआरसी पर कुल मिलाकर स्वीकृत पदों की संख्या 4,279 है, जिनमें से आधे से अधिक पद रिक्त हैं।

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