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बेटियों की शिक्षा को मिलेगी रफ्तार स्कूटी के लिए 400 करोड़ मिले: शिक्षा में कहां किसे कितना बजट

लखनऊ, शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर बुलंद इमारत खड़ा करने की जुगत वर्ष 2026-27 के बजट में की गई है। विद्यार्थियों के सपनों को पंख लगाने के लिए उन्हें अच्छी बुनियादी सुविधाएं देने के साथ-साथ हुनरमंद बनाने पर फोकस किया गया है। बेसिक से उच्च शिक्षा तक शिक्षा का कुल बजट 1.16 लाख करोड़ रखा गया है। पिछले साल 1.06 लाख करोड़ बजट था। ऐसे में 10 हजार करोड़ की बढ़ोतरी इसमें की गई है। अब चुनावी साल में उच्च शिक्षा की मेधावी छात्राओं को स्कूटी की चाबी देने को 400 करोड़ खर्च किए जाएंगे। पिछले साल भी प्राविधान किया गया था लेकिन बजट खर्च नहीं हुआ।


छात्रों के लिए बनेगी मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण नीति : विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण के लिए नीति बनाई जाएगी। बजट में 14.50 करोड़ रुपये इस पर खर्च होंगे। कॅरियर बनाने के दबाव और प्रतिस्पर्धा के इस दौर में छात्र मानसिक तनाव में रहते हैं और आत्महत्या की बढ़ रहीं घटनाओं को देखते हुए सभी छात्रों को एक समान अवसर दिलाने के लिए नीति तैयार की जाएगी।

छात्रों के लिए विशेष काउंसिलिंग की सुविधा प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान में दी जाएगी। छात्रों की कॅरियर काउंसिलिंग भी होगी। दक्ष मनोवैज्ञानिक उन्हें तनाव प्रबंधन के विषय में भी जानकारी देंगे। छात्रों को तनाव मुक्त होकर शिक्षा प्राप्त करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग छात्रों को तनाव मुक्त बनाने के लिए यह ठोस कदम उठा रहा है।

माध्यमिक स्कूलों में छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी नैपकीन: माध्यमिक स्कूलों में पढ़ रहीं छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी नैपकीन दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की है। छात्राओं को माहवारी होने पर विद्यालय में ही उन्हें निश्शुल्क सैनेटरी नैपकीन देने की व्यवस्था होगी।

● सभी ब्लॉक में एक-एक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी)होगा। अभी 746 ब्लॉक में केजीबीवी हैं। 80 नए सीएम आवासीय बालिका विद्यालय खोले जाएंगे और कुल 580 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

● 300 करोड़ से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लास

● परिषदीय व एडेड प्राथमिक स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट कर स्कूलों की मरम्मत पर 300 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

● कक्षा एक से कक्षा आठ तक के बच्चों को यूनीफॉर्म, स्कूली बैग, देने पर 650 करोड़ खर्च होंगे।

● राजकीय माध्यमिक स्कूलों में 520 करोड़ व 10 करोड़ से एडेड माध्यमिक स्कूलों में मूलभूत व अवस्थापना सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

● 150 करोड़ रुपये से माध्यमिक स्कूलों में ड्रीम स्किल लैब कलस्टर बनेगा। जिससे एआई व नई तकनीकों का ज्ञान छात्रों को दिया जाएगा।

● राजकीय संस्कृत पाठशाला के छात्रों को स्कॉलरशिप देने के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

● एडेड माध्यमिक स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट कर स्कूलों की मरम्मत पर 4.51 करोड़ खर्च होंगे।

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