लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने सोमवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई न होने से नाराज हैं। अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की अगली तारीख चार फरवरी को सरकार की ओर से सशक्त पैरवी करने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। अभ्यर्थी डिप्टी सीएम से न्याय की गुहार लगाते हुए धरने पर बैठ गए। पुलिस ने सभी को बस से धरना स्थल ईको गार्डन भेज दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ काफी खींचतान हुई। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट का जो फैसला आया था सरकार उसे जानबूझ कर लटका दिया जिससे यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में चला गया।
अमरेंद्र पटेल व धनंजय गुप्ता ने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त समय था कि वह हाईकोर्ट डबल बेंच के फैसले का पालन - करके सबके साथ न्याय करे। इसके बाद भी उसने कुछ नहीं किया। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया। उन्हें नौकरी देने से वंचित कर दिया गया। पूर्व में डिप्टी सीएम के आवास घेराव के समय त्वरित न्याय का भरोसा दिया गया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
हमारी मांग है कि सरकार चार फरवरी को इस मामले में अभ्यर्थियों के हित में पैरवी करे। प्रदर्शन में विक्रम यादव, अमित मौर्या, अनिल, अनिल कुमार, राहुल मौर्या, उमाकांत मौर्या, अर्चना मौर्या, कल्पना, शशि पटेल समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए।

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