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यूपी में परिषदीय स्कूलों में तैनात दिव्यांग शिक्षकों के सर्टिफिकेट का होगा वेरिफिकेशन, ब्लॉकवार तैयार हो रही लिस्ट

पडरौना। जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात दिव्यांग शिक्षकों के दिव्यांग और शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की गहन जांच होगी। ताकि फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वालों की पहचान हो सके। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। यदि जांच में कोई शिक्षक अपात्र पाया गया या प्रमाण-पत्र फर्जी पाया गया तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।


डीजी स्कूल शिक्षा का इस आशय का पत्र मिलने के बाद बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्य ने सभी बीईओ को अपने-अपने ब्लॉक में तैनात दिव्यांग शिक्षकों की सूची तैयार करने को कहा है। साथ ही निर्धारित समयावधि के भीतर प्रमाण-पत्रों का सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी है।

संदिग्ध मामलों की होगी जांच

बीएसए ने कहा है कि दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वालों के शैक्षिक तथा दिव्यांग प्रमाण पत्र की गहनतापूर्वक छानबीन करें। जिन शिक्षकों के प्रमाण-पत्र संदिग्ध प्रतीत हों, उन मामलों की विस्तृत जांच कराएं। जिससे कि सच सामने आ सके।

यदि किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम ईमानदार और पात्र शिक्षकों के हित में उठाया गया है, ताकि दिव्यांग कोटे का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंदों को मिल सके।

2463 स्कूलों में तैनात हैं 52 दिव्यांग शिक्षक

जिले में कुल 2463 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक तथा कंपोजिट स्कूल हैं। इनमें तैनात शिक्षक, शिक्षा मित्र व अनुदेशकों की संख्या दस हजार है। विभाग के अनुसार स्कूलों में तैनात शिक्षकों में 52 दिव्यांग शिक्षक हैं।

परिषदीय स्कूलों में तैनात दिव्यांग शिक्षकों के शैक्षिक व दिव्यांग प्रमाण-पत्रों के जांच के आदेश सभी बीईओ को दे दिए गए हैं। प्रमाण-पत्र फर्जी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. रामजियावन मौर्य, बीएसए।

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