लखनऊ। मोटे युवक-युवतियों पर हाई ब्लड प्रेशर हमला कर रहा है। उनकी चैन की नींद को तबाह कर रहा है। यह चौंकाने वाला तथ्य केजीएमयू के फिजियोलॉजी विभाग, रेस्पीरेटरी मेडिसिन व बायोकेमेस्ट्री विभाग के संयुक्त शोध में सामने आया है। शोध पत्र को प्रतिष्ठित नाइजेरियन मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
शोध में पाया गया कि मोटापे के कारण युवक-युवतियों की नींद की गुणवत्ता खराब हो रही है। जिससे आगे चलकर वे हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो सकते हैं। इस अध्ययन में 19 से 20 वर्ष आयु वर्ग के 80 बच्चों को शामिल किया गया। जिसमें 40 मोटापे के शिकार थे। बाकी 40 सामान्य थे। मोटापे के शिकार सभी युवक और युवतियां किसी अन्य बीमारी के इलाज के सिलसिले में केजीएमयू के विभिन्न विभागों की ओपीडी में आए थे।
जांच के दौरान स्लीप स्टडी की गई। जिसमें मोटे बच्चों की नींद से जुड़ी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। सामान्य वजन वालों की नींद की गुणवत्ता ठीक मिली। फिजियोलॉजी विभाग के डॉ. अनिल गंगवार ने बताया कि इन युवक-युवतियों को रात में बार-बार नींद टूटने, सांस लेने में दिक्कत और पर्याप्त गहरी नींद न आने जैसी समस्याएं हो रही थी। मोटे बच्चों में बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर इन समस्याओं का प्रमुख कारण है। नींद की कमी और खराब नींद आगे चलकर दिल, फेफड़े और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है। समय रहते जीवनशैली में सुधार और मोटापे पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि स्लीप स्टडी में मोटे युवक-युवतियों की नींद बाधित पाई गई। जिससे आगे चलकर उनमें ब्लड प्रेशर की समस्या का खतरा कई गुना अधिक था। सामान्य युवक-युवतियों की नींद ठीक पाई गई।
स्लीप स्टडी से चलेगा बीमारी का पता
केजीएमयू रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के पूर्व प्रोफेसर व लोहिया संस्थान में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि मोटे लोग आसानी से ब्लड प्रेशर की चपेट में आ सकते हैं। यदि समय पर स्लीप स्टडी कराई जाए। तो उनमें नींद संबंधी बीमारी का पता लगाया जा सकता है। स्लीप स्टडी कराकर भविष्य में होने वाले ब्लड प्रेशर का पता लगाकर जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।

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