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युवाओं-किसानों पर करम: योगी सरकार ने महिलाओं, गांव, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के लिए खोला खजाना

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को योगी सरकार का 10वां आम बजट विधानसभा में पेश किया। इसका आकार 9 लाख 12 हजार 696.35 करोड़ रुपये का है। यह पिछले पूर्ण बजट 8 लाख 08 हजार 736.06 करोड़ से 12.9 प्रतिशत ज्यादा है।


लखनऊ। अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले पेश किए गए आखिरी बजट में भी सरकार ने चुनावी वादों के बजाय बुनियादी विकास को ही प्राथमिकता दी है। साथ ही महिलाओं को सुरक्षा के साथ ही स्कूटी देकर लुभाने, युवाओं को एआई के जरिए सक्षम बनाने और किसानों की खुशहाली के लिए खजाने का बड़ा हिस्सा दिया है।


9.12 लाख करोड़ के बजट में भी सरकार ने नई योजनाओं की घोषणा से ज्यादा भरोसा पुरानी योजनाओं को जमीन पर उतारने में दिखाया है। यही वजह है कि नई योजनाओं का आकार 43 लाख 565.33 करोड़ का ही रखा है, जो बजट का 4.7 प्रतिशत ही है। पूरे बजट को देखा जाए तो राजस्व व्यय के लिए 6 लाख 64 हजार 470.55 करोड़ रुपये रखे हैं जबकि पूंजीगत व्यय के लिए 2 लाख 48 हजार 225.80 करोड़ रुपये का अनुमान रखा है। कुल पूंजीगत व्यय में पूंजीगत परिव्यय के लिए 1 लाख 77 हजार 744.12 करोड़ रुपये रखे हैं। इसका इस्तेमाल नई परिसंपत्तियों और रोजगार सृजन के लिए होगा। इसी तरह उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के लिए 400 करोड़ दिए हैं। सड़कों और पुलों के लिए कुल 34,468 करोड़ दिए हैं। अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए पिछले बजट में 13 प्रतिशत बढ़ाकर 27,103 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान रखा है।


एआई के लिए प्रावधान : सरकार ने एआई मिशन के लिए 225 करोड़ की व्यवस्था की है। साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना के लिए नई योजना शुरू की है। इसके लिए 95 करोड़ रुपये और मेधावी छात्राओं के लिए सरकार ने स्कूटी योजना में 400 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं।


कैशलेस इलाज : परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मियों, संविदा व मानदेय आधारित कर्मियों व अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के कैशलेस इलाज के लिए सरकार ने बजट में प्रावधान किए हैं। इसमें पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज होगा।


नौ सालों में यूपी का बजट तीन गुना बढ़ा है। हमने कोई नया टैक्स नहीं लगाया, कर्ज घटाया है। यूपी वर्ष 2029-30 में वन ट्रिलियन डालर वाला राज्य होगा। सिस्टम वही है, केवल नेतृत्व ने तस्वीर बदली है। नौ वर्ष नव निर्माण वाला है यह बजट।

-योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री

1790 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान
● पश्चिमी यूपी के मेरठ, अलीगढ़, मुरादाबाद के साथ झांसी व बस्ती में स्टेडियम का निर्माण होगा
● मेरठ,मथुरा-वृन्दावन, कानपुर विकास प्राधिकरण के तहत अवस्थापना सुविधाओं के विकास की नई योजनाओं के लिए 750 करोड़ रुपये
● मथुरा में एक लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के नए डेयरी प्लांट की स्थापना के लिए 23 करोड़ रुपये मिलेंगे

विकास के लिए 1844 करोड़ रुपये मिलेंगे

● अयोध्या तीर्थ विकास परिषद की ओर से

अयोध्या क्षेत्र में पर्यटन अवस्थापना
विकास के लिए 150 करोड़ रुपये मिलेंगे

● देवीपाटन मंडल में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर की स्थापना के लिए 50 करोड़ दिए जाएंगे
● प्रयागराज में सलोरी से हेतापट्टी तक गंगा नदी पर सेतु निर्माण के लिए 63.63 करोड़ रुपये का बजट में किया गया प्रावधान

झांसी और ललितपुर में बनाए जाएंगे एयरपोर्ट

● बुंदेलखंड के लिए 150 करोड़ का प्रावधान, एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश का पहला 'सोलर एक्सप्रेसवे' बनाने की योजना है
● झांसी के पास बीडा के विकास के लिए 23,590 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की योजना को मंजूरी
● झांसी और ललितपुर में नए हवाई अड्डों के निर्माण कार्य को गति देने के लिए फंड आवंटित किया गया है

पूर्वांचल

478.5 करोड़ रुपये से किया जाएगा विकास


● गोरखपुर में ईपीसी मोड पर अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति दी गई
● विंध्यवासिनी देवी धाम और वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विकास के लिए खास प्रावधान
● मिर्जापुर के त्रिकोणीय क्षेत्र, मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजा, मां काली खोह मंदिर के परिक्रमा पथ व जनसुविधा स्थल विकसित होंगे

इन पर भी फोकस

शिक्षा


बेसिक से उच्च शिक्षा तक शिक्षा का कुल बजट 1.12 लाख करोड़ रखा गया है। इसमें 6 हजार करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। उच्च शिक्षा की मेधावी छात्राओं को स्कूटी की चाबी देने को 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

पंचायतों का विकास

पंचायती राज विभाग के बजट में 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। बजट में कुल 32090 करोड़ रुपये पंचायती राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में खर्च करने को दिए हैं। इससे 1000 बहुउद्देश्यीय पंचायत भवन बनाए जाएंगे।

उद्योग

बुनियादी ढांचे व औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13% अधिक है। सभी 75 जिलों में एकीकृत औद्योगिक केंद्र विकसित करने की घोषणा की गई है।

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाओं के लिए कुल बजट का 6% हिस्सा आवंटित किया गया है। चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण क्षेत्र के लिए 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15% अधिक है।

इंफ्रास्ट्रक्चर

शहरी व ग्रामीण सड़क, पुल आदि पर 94 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। सभी तहसीलों व ब्लाकों में एक-एक हेलीपैड बनाए जाएंगे। धार्मिक शहरों में बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही गेस्ट हाउस बनेंगे।

कानून-व्यवस्था

कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 44145.77 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह पिछले साल की तुलना में 3277 करोड़ रुपये ज्यादा है। पुलिस कर्मियों के लिए अनावसीय व आवासीय भवनों के लिए बड़ी रकम दी गई है।

बजट में सबसे ज्यादा रकम पाने वाले दस बड़े विभाग


34,468


करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं सड़क और सेतुओं के लिए।


77,622


करोड़ रुपये की व्यवस्था है बेसिक शिक्षा विभाग के लिए।


32,090


करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं पंचायती राज के लिए। पिछले बजट से यह 67 प्रतिशत ज्यादा है।


37,956


करोड़ रुपये दिए गए हैं चिकित्सा स्वास्थ्य को। यह पिछले बजट की तुलना में 15 प्रतिशत ज्यादा है।


65,926


करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं ऊर्जा क्षेत्र के लिए। पिछले बजट से आठ प्रतिशत ज्यादा है।


18,620


करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए। पिछले बजट से 11 प्रतिशत का इजाफा।


27,103


करोड़ रुपये दिए गए हैं अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के लिए। पिछले बजट से 13 प्रतिशत ज्यादा है।


22,167


करोड़ रुपये की व्यवस्था है माध्यमिक शिक्षा के लिए। पिछले बजट से 15 प्रतिशत ज्यादा है।


25,500


करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए।


26,514


करोड़ रुपये नगर विकास पर खर्च होंगे।

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