नई दिल्ली, । कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े निष्क्रिय खातों की धनराशि संबंधित अंशधारकों के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। इस फैसले के तहत 31.86 लाख सदस्यों के बैंक खातों में 10,903 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 7.11 लाख खातों में धनराशि हस्तांतरित होगी।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बताया कि पहले चरण में जिन सदस्यों की धनराशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, उनके खातों में एक हजार रुपये या उससे कम की धनराशि पड़ी है। इसमें 20 वर्ष से अधिक पुराने खाते भी शामिल है। पहले चरण में ऐसे करीब 30.52 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जाएंगे। नियमों के तहत अगर किसी सदस्य के खाते में 36 महीने तक योगदान जमा नहीं होता है तो वह स्वयं निष्क्रिय घोषित हो जाता है। मौजूदा समय में करीब पौने 32 लाख खाते निष्क्रिय हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जिन सदस्यों का आधार नंबर और बैंक खाता सिस्टम से जुड़ा है, उन सभी के खातों में बिना कागजी कार्रवाई धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। नॉमिनी को मिलेगा लाभ: ऐसे ईपीएफओ खाते, जिसमें असल अंशदाता की मृत्यु हो गई है उस स्थिति में नॉमिनी को बकाया धनराशि मिलेगी, लेकिन इसके लिए ईपीएफओ के रिकॉर्ड में उनकी पूरी जानकारी अपडेट होनी चाहिए। नॉमिनी को जानकारी अपडेट करने का पूरा अवसर भी दिया जाएगा।


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