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डीएलएड प्रशिक्षुओं पर विद्यालयों से वसूली के आरोप

फतेहपुर। बीते 27 जनवरी से जिले के परिषदीय स्कूलों में हो रहे निपुण आकलन में डायट के डीएलएड प्रशिक्षुओं की मनमानी की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि निपुण आकलन के लिए स्कूल पहुंचने वाले प्रशिक्षु जेब ऊंची करने की डिमांड कर रहे हैं और न देने पर विद्यालय को निपुण न करने की धमकी दे रहे हैं, जिससे शिक्षकों में गहरी नाराजगी है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इन दिनों कराए जा रहे निपुण आकलन के आधार पर विद्यालयों को निपुण घोषित किया जाना है। मोबाइल ऐप आधारित इस आकलन की बागडोर डायट के डीएलएड प्रशिक्षुओं के हाथों में हैं।


नाम न छापने की शर्त पर कई शिक्षकों ने बताया कि यह प्रशिक्षु आकलन के दौरान पैसों की मांग कर रहे हैं और विरोध करने पर प्रशिक्षु उल्टे यह कहते हैं कि हम डायट में फोन करके कह देंगे कि हम पर दबाव बनाया जा रहा है और आप लोगों पर कार्रवाई करा देंगे। ऐसे में शिक्षक भी हैरान परेशान हैं और शोषण सहने को मजबूर हैं। सूत्र बताते हैं कि डायट प्रशिक्षुओं की करतूतों की जानकारी डायट को भी है। मौखिक रूप से की गई शिकायतों के बावजूद कोई उल्लेखनीय कार्रवाई नहीं की गई। सूत्र बताते हैं कि डायट से आने के बावजूद इन प्रशिक्षुओं की शिक्षकों से वसूली की हिम्मत कैसे हो रही है। हालांकि अब तक लिखित शिकायत न होने की बात भी सामने आई है। बतातें हैं कि मौखिक शिकायतें सामने आने के बाद स्कूलों के हेडमास्टर से इस बात का भी प्रमाण पत्र लिया जा रहा है कि उनसे किसी प्रकार की धनराशि नहीं ली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि शिक्षकों को भय है कि प्रशिक्षुओं का विरोध करने पर कहीं ऐसा न हो कि उनके स्कूलों को निपुण ही न घोषित होने दिया जाए। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि क्योकि ऐप पर बच्चों के प्रदर्शन के आधार पर विकल्प टिक करने का अधिकार डीएलएड प्रशिक्षुओं के पास है, नाराज होने पर वे गलत विकल्प को टिक कर विद्यालय के निपुण होने में बाधा बन सकते हैं।

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