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स्कूलों में गाइड-कुंजी पर रोक के खिलाफ कोर्ट पहुंचे

प्रयागराज, मुख्य संवाददाता यूपी बोर्ड से जुड़े 29 हजार से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों में गाइड-कुंजी पर रोक के खिलाफ प्रकाशकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मनमाने दाम पर नकली किताबें, गाइड और साइडबुक के नाम पर हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये कमाने वाले प्रकाशकों को यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह का वह आदेश नागवार गुजर रहा है, जिसमें उन्होंने अधिकृत पाठ्यपुस्तकों के अलावा अन्य पुस्तक से पढ़ाई नहीं कराने को कहा है।

सरकार का उद्देश्य गरीब छात्र-छात्राओं को सस्ते दर पर उच्च गुणवत्ता की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराना है। लेकिन इस सख्ती से निजी प्रकाशकों को नुकसान हो रहा है। हर साल ये प्रकाशक स्कूलों और शिक्षकों से सांठगांठ करके अपनी किताबें बेचते थे। प्रकाशकों को कुछ हद तक यूपी बोर्ड की ढिलाई का भी लाभ मिलता था क्योंकि पिछले सालों में एनसीईआरटी एवं अन्य सस्ती किताबें जुलाई तक बाजार में उपलब्ध होती थीं। जबकि एक अप्रैल को सत्र शुरू होने के तुरंत बाद ही स्कूल और शिक्षक बच्चों पर दबाव बनाकर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने को विवश करते थे। यही कारण है कि इस साल सत्र शुरू होने के तीन महीने पहले ही किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसमें अपना नुकसान होता देख प्रकाशकों ने याचिकाएं दाखिल कर दी हैं।

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