कोरांव: उच्च प्राथमिक विद्यालय बेलहट में बुधवार को मिड डे मील खाने के बाद 24 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। 14 बच्चों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 10 का विद्यालय परिसर में उपचार किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने समय से पहले ही छुट्टी कर दी।
छात्र प्रिंस शर्मा, शिवानी और संगीता ने बताया कि टमाटर और सोयाबीन की तहरी बनी थी। बच्चों को दोपहर के भोजन में तहरी दी गई थी। फिर दूध दिया गया। इसके बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। बीमार छात्र देवा कुमार के पिता वीरेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय में अक्सर मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) में लापरवाही की जाती है। इसकी शिकायत भी कई बार की गई थी, लेकिन शिक्षकों व जिम्मेदारों ने शिकायत को अनसुना कर दिया था। उन्होंने मिड डे मील को दुरुस्त करने की मांग की है।
खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मद रिजवान खान ने बताया कि सीएचसी अधीक्षक डॉ. केबी सिंह समेत कई चिकित्सकों ने बच्चों का उपचार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम न्यायिक संदीप तिवारी, पूर्व विधायक रामकृपाल कोल, भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के प्रदेश उपाध्यक्ष ललन सिंह पटेल आदि लोगों ने पहुंचकर बीमार बच्चों का हालचाल जाना। सीएचसी अधीक्षक केबी सिंह ने बताया कि सभी बच्चे स्वस्थ हैं। सभी को घर भेज दिया गया है।
इनसेट बॉक्स और अन्य विवरण:
- 14 का सीएचसी कोराव और 10 का विद्यालय परिसर में ही किया गया उपचार
- खंड शिक्षा अधिकारी बोले: शिक्षकों ने बाहर का समोसा और कोल्ड ड्रिंक दिया था
"मिड डे मील के बाद कक्षा आठ के बच्चों का विदाई समारोह था। इसके लिए शिक्षकों की ओर से बाहर से लाकर समोसा और कोल्ड ड्रिंक दी गई थी, जिससे बच्चों की तबीयत बिगड़ी है। मामले की जांच कराई जा रही है। बीमार सभी बच्चों की तबीयत में सुधार है, कुछ घर चले गए हैं कुछ का उपचार जारी है।" — मोहम्मद रिजवान खान, खंड शिक्षा अधिकारी
"मामले की जांच कराई जाएगी। बीमार बच्चों की हालत में सुधार है। कुछ बच्चे घर भी चले गए हैं। कुछ का अभी सीएचसी में उपचार चल रहा है।" — संदीप तिवारी, एसडीएम न्यायिक
- इनकी बिगड़ी तबीयत: रोशनी, ज्योति, काजल, अनुराग, किरन, खुशबू, कविता, ज्योति, बबीता, दिव्यांश, देवा, धीरज, आकाश व नीरज का इलाज सीएचसी कोरांव में किया गया। जबकि, यश राय, राज, लवकुश, पीयूष, दीपांशी, दीपिका, अंशू, सुनीता, मिथिलेश और राज मिश्रा का सीएचसी में इलाज चल रहा है।
- 145 बच्चे हैं स्कूल नामांकित: विद्यालय में कुल 145 बच्चे नामांकित हैं। बुधवार को 112 बच्चे उपस्थित थे। वहीं 14 बच्चे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोरांव पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने बेड की जगह कुर्सी पर ही उनका इलाज किया।


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