पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय से संबद्ध एक चपरासी द्वारा करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोपी इल्हाम उर रहमान उर्फ शास्त्री की तीन पत्नियां हैं, जिनमें से दो के बैंक खातों में 59 लाख रुपये की एफडी कराई गई थी, जिसे पुलिस ने फ्रीज कर दिया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी से जुड़े 53 बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं। इन खातों में जमा करीब 5.28 करोड़ रुपये पहले ही फ्रीज किए जा चुके हैं।
आरोपी बीसलपुर के जनता इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत था और करीब सात साल पहले डीआईओएस कार्यालय से संबद्ध हुआ था। वहीं क्लर्क के रूप में कार्य करते हुए उसने वित्तीय अनियमितताएं कीं। बताया जा रहा है कि उसने अपनी पत्नी के खाते में वेतन के नाम पर करीब 1.02 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।
बैंक ऑफ बड़ौदा को लेनदेन में गड़बड़ी का संदेह होने पर प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद जनवरी में मामला उजागर हुआ और प्राथमिकी दर्ज की गई।
जांच टीम ने वर्ष 2014 से 2026 तक जिले के 35 राजकीय इंटर कॉलेज, हाईस्कूल और 22 अशासकीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों के कर्मचारियों का ब्योरा, बैंक खातों की जानकारी और भुगतान का विवरण मांगा है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी पत्नी के खाते से निजी कंपनियों—जैसे जेएचएम इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड (बरेली) और ओरिका होम्स—के खातों में क्रमशः 90 लाख और 17.18 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
इसके अलावा एक पत्नी के खाते में 33.30 लाख रुपये और दूसरी पत्नी के खाते में 25 लाख रुपये की एफडी कराई गई। तीसरी पत्नी के खाते में लेनदेन की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही एक रिश्तेदार के खाते में 70,444 रुपये जमा कराने की बात भी सामने आई है।
एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि मामले की जांच चार सदस्यीय टीम कर रही है और पूरे प्रकरण की कड़ी निगरानी की जा रही है।


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