आज पेश होंगे महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े विधेयक
सरकार ने कहा-दक्षिण के राज्यों से नहीं होगा सौतेला व्यवहार
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र की तीन दिवसीय विस्तारित बैठक के पहले ही दिन बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार लोकसभा में बड़े बदलाव की नींव रखने जा रही है। इसमें लोकसभा और सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान (131वां) संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। महिला आरक्षण इसी का अंग होगा।
इनके अलावा, परिसीमन विधेयक और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक भी पेश किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया कि नए परिसीमन में देश के किसी भी हिस्से, विशेषकर दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।
दक्षिण राज्यों को आशंका है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के कारण नए परिसीमन में उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं। सरकार ने इस शंका को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सीटों की बढ़ोतरी हर राज्य के लिए एकसमान करीब 50 फीसदी होगी। लोकसभा में सीटों की अधिकतम सीमा 850 तय की गई है, जिसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। किसी भी राज्य की सीटों में कटौती का सवाल ही नहीं है।
सरकार का कहना है, 1976 के बाद से लोकसभा सीटों में बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए स्पष्ट और नया परिसीमन समय की मांग है। परिसीमन प्रक्रिया आखिरी प्रकाशित जनगणना (2011) के आधार पर पूरी की जाएगी।
साइड कॉलम टेक्स्ट:
लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं की सीटों में बढ़ोतरी के लिए परिसीमन के प्रस्ताव को लेकर सरकार व विपक्ष के बीच घमासान होना तय है। बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे संसद के विस्तारित सत्र में सरकार ने प्रस्ताव को अमली जामा पहनाने के लिए कमर कस ली है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल परिसीमन के विरोध में आ गए हैं।
ये विधेयक होंगे पेश:
- संविधान (131वां) संशोधन-2026
- परिसीमन विधेयक-2026
- संघ शासित क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक-2026


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