परिषदीय विद्यालयों के बिजली बिल को भरेंगी ग्राम पंचायतें
गोरखपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों के बिजली बिल का भुगतान अब ग्राम पंचायतें करेंगी। शासन ने पंचायत राज विभाग को इसके क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। इस पहल से बेसिक शिक्षा विभाग के डेढ़ करोड़ रुपये बचेंगे। यह रकम प्रतिवर्ष विभाग को बिजली बिल के भुगतान में खर्च करनी पड़ती है। अब इस धनराशि का इस्तेमाल विद्यालय में पढ़ाई की गुुणवत्ता को सुधारने के साथ दूसरे मदों में किया जा सकेेगा।

बेसिक शिक्षा विभाग में संविलियन के बाद 2498 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें 2094 परिषदीय विद्यालयों के बिजली का भुगतान अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से किया जाता रहा है। विभाग पर करोड़ों के बिजली का बिल बकाया है। इसके भुगतान के लिए अब शासन ने नया तरीका निकाला है। शिक्षा महानिदेशक ने इस अदायगी को ग्राम पंचायतों से कराए जाने के निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायतों के सरकारी भवनों के साथ ही लगाई गई स्ट्रीट लाइट के बिजली के बिल का भुगतान कराने के लिए अब प्रधानों व सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। अप्रैल 2018 के बाद के सभी बिजली के बिल का भुगतान अब इनको ही करना होगा। सरकारी भवनों के बिजली के बिल की निधि प्रधान के खाते में आने के चलते यह फैसला लिया गया है। इसके बाद सरकारी भवनों आदि का बिजली का बिल खंड विकास अधिकारी द्वारा प्रधानों को उपलब्ध कराया जाएगा।
संविलियन के बाद विद्यालय कम, कनेक्शन ज्यादा
पहले जिले में 2985 विद्यालय संचालित थे। संविलियन के बाद इनकी संख्या 2494 रह गई है। 2094 विद्यालयों के बिजली का भुगतान विभाग की ओर से किया जाता है। करीब 400 विद्यालयों में बिजली का कनेक्शन देने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसी स्थिति में एक परिसर में दो-दो बिजली के कनेक्शन कागजों पर चल रहे हैं। विभाग के लिए यह चिंता का विषय है। असल में तमाम विद्यालय ऐसे हैं जिनमें कनेक्शन ही नहीं हैं, लेकिन बिजली का बिल आ रहा है। उनकी देनदारी बढ़ती ही जा रही है।
परिषदीय विद्यालयों के बिजली बिल के भुगतान अब ग्राम पंचायतों की ओर से किया जाएगा। शासनादेश की कॉपी मिली है। नए नियम के बारे में खंड शिक्षा अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
-बीएन सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

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