बेसिक शिक्षा विभाग में अनामिका प्रकरण की तरह एक और मामला आया सामने, दूसरे के नाम से नौकरी कर रही शिक्षिका गिरफ्तार
मैनपुरी जिले में दीप्ति कुमारी के दस्तावेजों पर अनुदेशक के पद पर तैनात सुनीता को कोतवाली पुलिस ने कन्नौज के गांव गुबरिया से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार की गई महिला ने खुद ही एक अन्य दीप्ति नाम की शिक्षिका के दस्तावेज फर्जी होने की शिकायत की थी। जांच में दोनों के ही अभिलेख फर्जी पाए गए थे। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस को दोनों की तलाश थी।

बेसिक शिक्षा विभाग की जांच में बेवर क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दीप्ति के नाम से तैनात अनुदेशक और कस्तूरबा गांधी करहल में तैनात शिक्षिका दीप्ति के अभिलेख फर्जी पाए गए थे। दोनों पर 17 जून 2020 को शहर कोतवाली में खंड शिक्षाधिकारी रामशंकर कुरील ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद दोनों की तलाश की गई।
फोटो के आधार पर पुलिस ने किया गिरफ्तार
विभाग में दर्ज पते पर अनुदेशक और शिक्षिका पुलिस को नहीं मिली थीं। शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि जमौरा में तैनात दीप्ति कन्नौज जिले के सौरिख थाना क्षेत्र के गांव गुबरिया में है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बेसिक शिक्षा विभाग के पास उपलब्ध फोटो के आधार पर संबंधित महिला को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने अपना नाम सुनीता पुत्री सुरेश कुमार निवासी गांव गुबरिया थाना सौंरिख जिला कन्नौज बताया। उसने यह बात भी स्वीकार की कि वह दीप्ति के अभिलेखों से यहां नौकरी कर रही थी। इसके बाद पुलिस उसे मैनपुरी ले आई। पुलिस अब कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय करहल में तैनात रही शिक्षिका की तलाश में जुट गई है।
यह था मामला
जून में बेवर क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जमौरा में दीप्ति के नाम से नौकरी करने वाली अनुदेशक ने बीएसए विजय प्रताप सिंह से शिकायत कर बताया था कि उसके अभिलेखों से करहल कस्तूरबा गांधी विद्यालय में एक शिक्षिका नौकरी कर रही है। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने जांच कराई तो दोनों के अभिलेख फर्जी पाए गए।
फर्रुखाबाद स्थित विद्यालय से खुली थी पोल
जांच के दौरान जब टीम ने अनुदेशक और शिक्षिका के विभाग में दर्ज पते पर जाकर जांच की तो पता चला कि दोनों ही पते फर्जी हैं। जांच मे यह भी सामने आया कि दोनों दीप्ति के अभिलेख एक ही हैं और फर्रुखाबाद स्थित एक विद्यालय से उसने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा पास की है।
16 जून को जांच टीम ने जब फर्रुखाबाद स्थित स्कूल में जाकर जानकारी की तो पता चला कि दीप्ति ने इसी स्कूल से परीक्षा पास की है। वर्तमान में असली दीप्ति कौशांबी के मिश्रपुर ढहैया के राजकीय हाईस्कूल में तैनात है। इसके बाद पूरा मामला विभाग को समझ आ गया।
कोतवाली के इंस्पेक्टर विजय गौतम ने बताया कि दीप्ति के अभिलेखों पर नौकरी करने वाली सुनीता को कन्नौज के गांव गुबरिया से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे आवश्यक कार्रवाई के बाद शुक्रवार शाम को जेल भेज दिया गया है।

0 टिप्पणियाँ