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4 साल में योगी सरकार ने स्कूलों को संवारा, उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ाया:- 1.35 लाख परिषदीय स्कूलों का हुआ कायाकल्प

हौसला और हिम्मत। शिक्षा की अपार चुनौतियों से निपटने के लिए यह दो शब्द ही योगी सरकार का संबल रहे। यही वजह थी कि संसाधनों की तंगी के बावजूद सरकार बीते चार वर्षो के दौरान बदहाली का पर्याय समङो जाने वाले परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प का हौसला दिखा सकी तो नकल के लिए कुख्यात यूपी बोर्ड परीक्षाओं को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाने की हिम्मत जुटा सकी। साल दर साल बेतहाशा बढ़ने वाली स्कूलों की फीस के बोझ तले दबे अभिभावकों को राहत देने के लिए शुल्क विनियमन कानून बनाने की दृढ़ इच्छाशक्ति इसकी बानगी है। वहीं कोरोना महामारी से जूझते हुए डिजिटल लर्निग के सहारे सूबे में शिक्षा के प्रवाह को अविरल बनाये रखना भी बड़ी कामयाबी है।

बढ़ा उच्च शिक्षा का दायरा : उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ाने के मकसद से हर असेवित मंडल में एक राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में अलीगढ़, आजमगढ़ और सहारनपुर में तीन नए राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना की जा रही है।

इनके अलावा 51 नए राजकीय महाविद्यालय भी स्थापित किये जा रहे हैं। एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने अगले शैक्षिक सत्र से राज्य विश्वविद्यालयों में 70 प्रतिशत समान पाठ्यक्रम को लागू करने का एलान किया है।

उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों को ई-लर्निग की सुविधा देने के लिए सरकार ने पिछले वर्ष हायर एजुकेशन डिजिटल लाइब्रेरी का भी श्रीगणोश किया है। अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग अलापने वाले निजी विश्वविद्यालयों को एक छतरी के नीचे लाने के लिए योगी सरकार ने उप्र निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 बनाया। प्रदेश में 28 नए निजी विश्वविद्यालयों को मान्यता देने की कार्यवाही जारी है।

‘अभ्युदय’ के जरिये हसरतों को नई उड़ान

आइएएस-आइपीएस अफसर और डॉक्टर-इंजीनियर बनने का ख्वाब देखने वाले युवा अभ्यर्थियों के सपनों को पंख लगाकर योगी सरकार ने ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ के तहत उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निश्शुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना हाल में शुरू की है। फिलहाल मंडल मुख्यालयों में साकार हो चुकी इस योजना के तहत प्रदेश में 52,000 से ज्यादा अभ्यर्थी पंजीकृत हो चुके हैं। अब इसे जिला स्तर पर विस्तार देने की मंशा है। योजना के तहत प्रतिस्पर्धा में चयनित युवाओं को सरकार टैबलेट भी देगी।

1.35 लाख परिषदीय स्कूलों का हुआ कायाकल्प

निजी स्कूलों से होड़ लेने की जिद ने ही सरकार को परिषदीय स्कूलों के जीर्ण-शीर्ण भवनों को गरिमामय स्वरूप प्रदान करने के लिए आपरेशन कायाकल्प संचालित करने को प्रेरित किया। इसके जरिये 1.35 लाख विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का विकास कराकर उन्हें नई रंगत दी जा चुकी है। बच्चों का नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें जूते-मोजे और स्वेटर भी देने की पहल योगी सरकार ने की। टेक्नोलॉजी की मदद से परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक उन्नयन के लिए मिशन प्रेरणा लांच किया गया। बीते चार वर्षो के दौरान लगभग 1.25 लाख शिक्षकों की भर्तियां हुईं। अंग्रेजी माध्यम से संचालित परिषदीय स्कूलों की संख्या में 100 गुना वृद्धि कर बीते चार वर्षो में उनकी तादाद 15,000 तक पहुंचायी गई।

यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकल के ग्रहण से मुक्ति

यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकल के ग्रहण से मुक्ति दिलाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई। हर परीक्षा केंद्र की वेब टेलीका¨स्टग करायी गई। परीक्षा केंद्रों के आवंटन में होने वाले ‘खेल’ को खत्म करने के लिए केंद्रों का आवंटन ऑनलाइन प्रणाली से किया जाने लगा। नकल पर नकेल कसने के साथ ही योगी सरकार ने यूपी बोर्ड परीक्षा की समयावधि को 15 दिन में समेट कर परीक्षार्थियों के तनाव को भी कम किया है। सरकारी और सहायताप्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के सेवा संबंधी विवादों के निपटारे के लिए शिक्षा सेवा अधिकरण के गठन के उद्देश्य से कदम आगे बढ़ाया है।

  • ’निजी स्कूलों से होड़ ले रहे परिषदीय विद्यालय, अभिभावकों को फीस के बोझ से राहत
  • ’हर मंडल में राज्य विवि, प्रतियोगी छात्रों को निश्शुल्क कोचिंग की सौगात

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