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गांवों में लड़कों से पढ़ने में आगे हैं लड़कियां

आंगनबाड़ी केंद्र जाने वाले बच्चों का ग्राफ
  • आयु वर्ष 2018 वर्ष 2022
  • तीन साल 19.2% 35.6%
  • चार साल 19.2% 38.5%
  • पांच साल 11.1% 23.6%
वे बच्चे जिन्हें अक्षर का ज्ञान नहीं

कक्षा अक्षर नहीं जानते शब्द नहीं आता
  • एक 43.4% 9.6%
  • दो 21.4% 16.2%
  • तीन 13.8% 18.4%
  • चार 09% 16.6%
● असर संस्थान देशभर में स्कूली शिक्षा के स्तर का सर्वे कराता है
● सरकारी स्कूलों में छह से 10 वर्ष की आयु के बच्चे 64 फीसदी हैं

लखनऊ, विशेष संवाददाता। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई को लेकर लड़कों से अधिक लड़कियां जागरूक हैं। स्कूल जाने के मामले में लड़कों को लड़कियां मात दे रही हैं। छह से लेकर 16 वर्ष की आयु की लड़कियों के सर्वे में इस हकीकत का खुलासा हुआ है।

असर संस्थान देशभर में स्कूली शिक्षा के स्तर को लेकर सर्वे कराती है। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वे किया जाता है और यह देखा जाता है कि पढ़ाई का क्या स्तर है। विश्लेषण सर्वे के दौरान घरों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर किया जाता है।

असर ने सर्वे में पाया कि लड़कों से लड़कियां अधिक स्कूल जा रही हैं। सरकारी स्कूलों में छह से 10 वर्ष की आयु में स्कूल जाने वाले बच्चे 64 फीसदी हैं। इनमें से 60 फीसदी लड़के और 67 फीसदी लड़कियां हैं। इसी तरह 11 से 14 वर्ष की आयु में स्कूल जाने वाले बच्चों की कुल संख्या 53 फीसदी है। इनमें लड़के 51 और लड़कियां 55 फीसदी हैं। जूनियर कक्षाओं यानी 15 से 16 साल की आयु वालों में बच्चों के प्रतिशत में कोई खास अंतर नहीं है।

यह बात अलग है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उम्र बढ़ने पर लड़कियां स्कूल छोड़ रही हैं। सर्वे में पता चला है कि 15 से 16 वर्ष की आयु में जहां मात्र 9.4 प्रतिशत लड़के स्कूल नहीं जाते हैं तो लड़कियों का यह प्रतिशत 15 है। मदरसों और अन्य प्रकार के स्कूलों में इस छह से 16 साल तक की उम्र में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या नाम मात्र ही है। यह प्रतिशत एक से लेकर अधिकतम डेढ़ प्रतिशत तक ही है।

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