राज्य सरकार ने शिक्षा जगत से जुड़े लाखों कर्मियों को बड़ी राहत दी है। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि प्रदेश के माध्यमिक व बेसिक शिक्षा से जुड़े शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मी और आश्रित परिवार निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बीते वर्ष पांच सितम्बर को शिक्षक दिवस पर इसकी घोषणा की थी, जिस पर अब कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इससे बेसिक व माध्यमिक शिक्षा से जुड़े करीब 15 लाख शिक्षक शिक्षणेतर कर्मी लाभान्वित होंगे। इस पर करीब 448 करोड़ व्यय होगा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबद्ध अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों , संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित विद्यालयों के शिक्षकों (मानदेय शिक्षकों सहित) को यह सुविधा मिलेगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद, संस्कृत शिक्षा परिषद मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों में मानदेय के विषय विशेषज्ञों को आईपीडी इलाज की कैशलेस सुविधा मिलेगी। आश्रित भी लाभ उठा सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि लाभ 2.97 लाख से अधिक को मिल सकेगा । बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षामित्र अनुदेशकों, कस्तूरबा वार्डेन, पूर्णकालिक /अंशकालिक शिक्षकों, रसोइयों, आश्रितों को लाभ मिलेगा। शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि 11.95 लाख से अधिक कर्मी लाभान्वित होंगे।


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