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प्रा. स्कूल के बच्चों को मिलेगा 360 डिग्री रिपोर्ट कार्ड, 360 डिग्री रिपोर्ट कार्ड की विशेषताएं

प्रयागराज, बेसिक शिक्षा परिषद के एक लाख से अधिक प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को 360 डिग्री रिपोर्ट कार्ड मिलेगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के प्रस्ताव पर एससीईआरटी और राज्य शिक्षा संस्थान के विशेषज्ञों ने इसे तैयार किया है। इसी सत्र की मार्च अंत में परीक्षा के बाद प्रदेशभर के बच्चों को यह रिपोर्ट कार्ड वितरित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, तार्किक निर्णय क्षमता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया है। राज्य शिक्षा संस्थान के प्राचार्य राजेन्द्र प्रताप के अनुसार बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समग्र मूल्यांकन आवश्यक है। एनईपी के अनुरूप इस समग्र प्रगति पत्र में बच्चों के शैक्षिक प्रदर्शन, कौशल, संज्ञानात्मक, सामाजिक-भावनात्मक, रचनात्मकता और शारीरिक स्वास्थ्य को भी शामिल किया गया है।


● व्यापक मूल्यांकन- इसमें शैक्षणिक के साथ जीवन कौशल, मानसिक स्वास्थ्य, और कलात्मक रुचियों का विवरण होगा।
● बहु-आयामी- यह संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोप्रेरक क्षेत्रों का विश्लेषण करता है।
● स्वयं और सहकर्मी मूल्यांकन- छात्र स्वयं की प्रगति का आकलन करेंगे और सहपाठी भी फीडबैक देंगे।
● योग्यता-आधारित- यह रटने की क्षमता के बजाय विश्लेषणात्मक, समस्या-समाधान, रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच जैसे कौशलों पर केंद्रित है।

प्रश्नपत्र का प्रारूप भी बदलेगा

360 डिग्री मूल्यांकन के लिए कक्षा दो से आठ तक के प्रश्नपत्र का प्रारूप भी बदलेगा। कक्षा दो से पांच तक के प्रश्नपत्र में 40 प्रतिशत प्रश्न ज्ञानात्मक, 30 फीसदी बोधात्मक, 20 प्रतिशत अनुप्रयोग आधारित जबकि दस फीसदी प्रश्न विश्लेषण, मूल्यांकन एवं सृजनात्मक होंगे। कक्षा छह से आठ तक के प्रश्नपत्र में 30 प्रतिशत प्रश्न ज्ञानात्मक, 40 फीसदी बोधात्मक और शेष यथावत होंगे। प्रश्नों के कठिनाई स्तर की बात करें तो 30 प्रतिशत सरल, 50 फीसदी सामान्य और 20 प्रतिशत प्रश्न कठिन होंगे।

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