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छात्रों को गुमराह करने पर दो साल जेल, जुर्माना

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर छात्र-छात्राओं को गुमराह करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ यू-ट्यूब चैनलों एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फर्जी प्रश्न-पत्र वायरल करने का भ्रामक दावा किया जा रहा है। इससे बोर्ड परीक्षार्थियों के गुमराह होने की प्रबल संभावना है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी यू-ट्यूब चैनल एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्म संचालकों को चेतावनी दी है कि फर्जी पेपर हटा लें।


ऐसा नहीं करने पर दोषियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (धोखाधड़ी), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) 2000 की धारा 66डी के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दो वर्ष तक की जेल की सजा का प्रावधान है। साथ ही दोषियों पर 15 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा। परीक्षार्थियों को सलाह दी है कि किसी भी प्रकार के भ्रामक वीडियो से गुमराह न हों और केवल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर दी गई जानकारी को ही सत्य मानें।

परीक्षा के लिहाज से सोशल मीडिया की निगरानी तेज

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रदेश के 8033 केंद्रों पर शुरू होगी। इस साल हाईस्कूल में 2750945 व इंटर में 2479352 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा शुरू होने में एक महीने से भी कम का समय होने के कारण बोर्ड मुख्यालय से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे यू-ट्यूब, फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम आदि की निगरानी तेज कर दी गई है। सचिव भगवती सिंह के अनुसार एक टीम सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट पर नजर रखे हुए है। यदि कोई गुमराह या भ्रमित करने वाली सामग्री नजर में आती है तो सायबर सेल में शिकायत करते हुए विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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