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‘संपत्ति अपलोड’ की कार्रवाई से शिक्षकों को रखा जाए मुक्त

फर्रुखाबाद। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण अपलोड करने के आदेश को लेकर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई है। शिक्षक नेताओं ने इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को ज्ञापन सौंपते हुए परिषदीय शिक्षकों व कर्मचारियों को इस कार्रवाई से मुक्त रखने की मांग की है।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण अपलोड करने का यह नियम राज्य कर्मचारियों पर लागू होता है, जबकि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी इसमें शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद उनसे संपत्ति विवरण अपलोड कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जो अनुचित है।

खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण अपलोड करने का समय दिया गया है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय तक विवरण अपलोड न करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को जनवरी माह का वेतन फरवरी में नहीं दिया जाएगा।

इस आदेश के विरोध में शिक्षक संघ के जिला संयोजक अवनीश चौहान, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अभिनेश मिश्रा, जिला मंत्री डॉ. वीरेंद्र त्रिवेदी सहित अन्य शिक्षक नेताओं ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को संपत्ति विवरण अपलोड करने की बाध्यता से अलग रखा जाए।

शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट किया कि राज्य कर्मचारियों के लिए जारी शासनादेश में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक शामिल नहीं हैं। ऐसे में उनसे पोर्टल पर संपत्ति विवरण अपलोड कराना नियमों के विपरीत है। उन्होंने यह भी मांग की कि जनवरी माह का वेतन समय से जारी किया जाए और शिक्षकों पर किसी प्रकार का दबाव न बनाया जाए।

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