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शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने व सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी कैशलेस योजना में शामिल करने की मांग

शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने व सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी कैशलेस योजना में शामिल करने की मांग


लखनऊ। बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के सरकार के निर्णय से शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए सरकार के प्रति आभार जताया है। साथ ही शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने और सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी कैशलेस योजना में शामिल करने की मांग की है।

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने इसे शिक्षकों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों शिक्षकों व कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को शामिल करना भी अत्यंत आवश्यक है।

इन संगठनों ने भी फैसले का किया स्वागत

अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (तिवारी गुट) के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित अन्य संगठनों ने सरकार के निर्णय को सकारात्मक बताया।

उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह व संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी कैशलेस योजना में शामिल करने की मांग उठाई है।

उच्च शिक्षा के शिक्षकों के लिए भी मांग

उच्च शिक्षा के शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा देने की मांग तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मोहन मिश्रा और लविवि सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ (लखनऊ) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया जाना चाहिए।

शिक्षामित्रों और रसोइयों के लिए भी राहत की मांग

शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिखुमार शुक्ला और संगठन मंत्री कौशल कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने पर भी शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।

शिक्षा मंत्री सुशील कुमार यादव ने बताया कि लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों और 25 हजार रसोइयों को भी मुफ्त इलाज की सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है, जिसे शिक्षक संगठनों ने एक बड़ा और सकारात्मक कदम बताया है।

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