चांदी चार लाख के जादुई आंकड़े की ओर बढ़ रही है। वहीं, सोने के दमकने का सिलसिला भी जारी है। चांदी में लगातार तीसरे दिन बुधवार को तेजी आई और यह 15,000 रुपये बढ़कर 3,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। सर्राफा बाजार में सोना भी 5,000 रुपये बढ़कर 1,71,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया।
अमेरिकी डॉलर सूचकांक पिछले चार साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। इसका कारण अमेरिकी लोगों के भरोसे में गिरावट व नौकरियों के बढ़ने की धीमी गति है। इससे सोन और चांदी में निवेश बढ़ रहा है।
तीन माह में 150 डॉलर तक जाएगी चांदी : अमेरिकी डॉलर में कमजोर रुख के बीच सोना नए रिकॉर्ड 5,311 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। चांदी 112.22 डॉलर प्रति औंस हो गई। जनवरी में ही चांदी की कीमतें 50% चढ़ चुकी हैं। वहीं, सिटीग्रुप ने अगले तीन माह में चांदी के 150 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान जताया है।
इसलिए आया उछाल
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, चीन में कुछ प्लेटफॉर्म ने निवेशकों को सोना-चांदी में निवेश की रकम खातों से निकालने से रोक दिया। इससे सरकार ने ताबड़तोड़ तेजी पर नजर रखने के लिए एक कमेटी बना दी है। चांदी के एक ईटीएफ प्लेटफॉर्म ने थोड़ी देर कारोबार रोक दिया।
इन वजहों से बढ़ी मांग
● सौर ऊर्जा, ईवी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं नई टेक्नोलॉजी में चांदी की मजबूत मांग कीमतों को उछाल दे रही है
● चांदी ईटीएफ में निवेश के विकल्प ने भी इस तेजी में योगदान दिया है
● 2025 में चांदी के ईटीएफ में 234.7 अरब रुपये का निवेश हुआ, जो गत वर्ष की तुलना में तीन गुना है


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