👇Primary Ka Master Latest Updates👇

टीईटी को लेकर फिर बढ़ रही शिक्षकों में नाराजगी

लखनऊ। देश और प्रदेश के परि विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा राहत न दिए जाने से एक बार फिर शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है। वर्तमान संसद के बजट सत्र में उन्हें राहत की उम्मीद थी लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी है। ऐसे में अलग-अलग शिक्षक संगठन फिर से आंदोलन की राह पर हैं।

एक तरफ जहां टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) की ओर से प्रदेश भर में शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी का पुतला फूंका गया था। वहीं टीईटी अनिवार्यता के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ही शिक्षा मंत्रालय द्वारा सही ठहराने पर विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने विरोध किया है। साथ ही संयुक्त मोर्चा के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करने की बात कही है।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के टीईटी अनिवार्यता पर दिए गए आदेश के लगभग 6 महीने बाद भी केंद्र सरकार की ओर से शिक्षकों को राहत देने की प्रक्रिया नहीं शुरू की गई। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों के साथ धोखा व अन्याय है। इन शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति के समय

एनसीईटी द्वारा निर्धारित सभी अहर्ताएं पूरी कर नौकरी पाई है। आज उन पर नए नियम लगाना सही नहीं है। संगठन ऐसे निर्णय का कड़ा विरोध करता है।

प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि 20-25 वर्ष की सेवाएं दे चुके शिक्षक अब टीईटी में शामिल होंगे। 23 अगस्त 2010 के पहले नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से राहत दी जाए। उन्होंने सभी शिक्षक-कर्मचारी संगठनों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर लड़ाई के लिए आने का आह्वान किया। दिलीप चौहान ने कहा कि अब केंद्र सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके लिए जल्द सभी संगठनों की बैठक कर व्यापक आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Politics news of India | Current politics news | Politics news from India | Trending politics news,