राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल लर्निंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब बजट में इन विद्यालयों में 'ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर' स्थापित करने के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही आधुनिक तकनीक और कौशल से जोड़ना है। योजना के अनुसार पहले चरण में प्रत्येक मंडल से दो विद्यालय एक बालक और एक बालिका को हब स्कूल बनाया जाएगा। एक हब से तीन अन्य विद्यालय स्पोक स्कूल के रूप में जुड़े रहेंगे। प्रत्येक हब की अनुमानित लागत 13.34 करोड़ रुपये होगी। खर्च उद्योग समूहों और माध्यमिक शिक्षा विभाग के बीच 68:32 के अनुपात में साझा किया जाएगा। टाटा टेक्नोलाजीज, टाटा क्लासेस और जापान की यास्कावा जैसी कंपनियां तकनीकी सहयोग देंगी। पांच वर्षों तक उपकरणों के रखरखाव और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी उद्योग समूहों की होगी। ड्रीम लैब में एआइ, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, एआर-वीआर, ड्रोन तकनीक, कंप्यूटर एडेड मशीनिंग, ईवी और बैटरी तकनीक, प्लंबिंग और ओडीओपी आधारित ट्रेड कोर्स सिखाए जाएंगे।


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